अधूरी ख्वाहिशें Leave a Comment / Brown Drape, Kalpanik / By Devyani Narayan Spread the love रात को कभी चाँद को देख लेती हूँ।सोचती हूं वो तो मुझे एक-टक देखता होगा। कोई तो देख रहा है मुझे.मेरे चूडियों की खनक कोई सुन रहा है। सिली हुई इस हवा से मैंने कहा, ”जा चंदा से कहदे आज तो मैंने शिउली फूल लगाए हैं अपने खुश्क बालों में। पर चंदा ने कभी कुछ नहीं कहा, बस एक पागल प्रेमी।बस मुझे देखता रहता है,बस मुझे… Notice: JavaScript is required for this content. Spread the love